5वीं पास इंसान की सच्ची success story जिसने 1 करोड़ के कर्ज से निकलकर 150 करोड़ का बिजनेस खड़ा किया

महाराष्ट्र के छोटे से गांव निलंगा से निकलकर आज पूरे भारत में 150+ आउटलेट्स चलाने वाले आकाश रोडे की कहानी हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो संघर्ष से गुजर रहा है। 99 टेस्टी हब और अम्मा इडली के फाउंडर आकाश की यात्रा सिखाती है कि हालात कितने भी विपरीत हों, हिम्मत और मेहनत से सफलता जरूर मिलती है।

गरीबी से शुरू हुआ सफर

किसान परिवार में जन्मे आकाश सात भाई-बहनों में से एक थे। घर की खराब आर्थिक स्थिति के कारण वे केवल पांचवीं तक ही पढ़ पाए। महज 800 रुपये महीने की नौकरी से शुरुआत करते हुए, उन्होंने अपने मालिक के जूते तक साफ किए। लेकिन उनके मन में कुछ बड़ा करने का सपना था।

असफलताओं का दौर

2006 में मोबाइल शॉप खोलने के लिए आकाश ने कर्ज लिया और मां के गहने तक बेच दिए। लेकिन पैसों की कमी से दुकान बंद करनी पड़ी। फिर कपड़ों का बिजनेस शुरू किया जो अच्छा चल रहा था, पर कोविड ने सब खत्म कर दिया। 1 करोड़ का कर्ज सिर पर आ गया। कर्जदार घर के चक्कर लगाने लगे।

रात में जब कर्जदारों ने दरवाजा खटखटाया, तो मां ने उन्हें घर से निकल जाने को कहा। बिना पैसों के, 20 किलोमीटर पैदल चलकर आकाश पुणे पहुंचे।

संघर्ष का नया अध्याय

पुणे स्टेशन पर भूखे बैठे आकाश को एक रेडी वाली आंटी ने वड़ापाव खिलाया। उस एक वड़ापाव पर वे 5 घंटे बैठे रहे, सोचते रहे कि आगे क्या करें। आखिरकार एक होटल में वेटर की नौकरी मिली – केवल इसलिए कि वहां खाना और रहने की जगह मिलती थी।

बदलाव की शुरुआत

होटल में काम करते हुए आकाश ने शेफ से खाना बनाना सीखा। महीने की 800 रुपये की सैलरी में से 200 रुपये देकर ट्रेनिंग ली। जब एक दिन शेफ बीमार पड़ा, तो आकाश ने मौका पकड़ा और खुद खाना बनाया। मालिक इतना खुश हुआ कि उनकी सैलरी सीधे 8,000 रुपये हो गई।

शेफलेस मॉडल का आविष्कार

आकाश ने देखा कि शेफ की अनुपस्थिति हर होटल मालिक की समस्या है। उन्होंने सोचा – क्यों न ऐसा सिस्टम बनाया जाए जहां शेफ की जरूरत ही न पड़े? उन्होंने एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) डेवलप किया जिससे कोई भी व्यक्ति बिना शेफ के शानदार खाना बना सकता था।

मालिक ने प्रभावित होकर 10-12 लाख का इन्वेस्टमेंट किया और पहला कैफे शुरू हुआ। शुरुआत पानी पूरी से हुई। पहली बार मिले 100 रुपये के प्रॉफिट की नोट आकाश आज भी संभालकर रखते हैं।

99 टेस्टी हब का जन्म

जब बिजनेस सफल हुआ, तो आकाश ने इसे ब्रांड बनाने का फैसला किया। 99 प्रोडक्ट्स के साथ “99 टेस्टी हब” नाम रखा। फ्रेंचाइजी मॉडल से काम शुरू किया। पहला आउटलेट यूपी में खोला जो बेहद सफल रहा।

जब 30-40 आउटलेट हो गए, तो नई चुनौती आई – समय पर सर्विस और क्वालिटी बनाए रखना। आकाश ने मशीनीकरण का रास्ता चुना। आज उनके किचन में 80% काम मशीनों से होता है, जिससे 3-4 मिनट में कितने भी ग्राहकों को परोसा जा सकता है।

आज की सफलता

आज 99 टेस्टी हब और अम्मा इडली के पूरे भारत में 150+ आउटलेट हैं। सालाना टर्नओवर 50 करोड़ रुपये है जिसमें 20-30% प्रॉफिट है। कंपनी की वैल्यूएशन 150 करोड़+ है।

सीख

आकाश रोडे की कहानी बताती है कि गरीबी कोई अभिशाप नहीं है। हर व्यक्ति बड़े लेवल पर पहुंच सकता है अगर वह अपने सपनों पर विश्वास करे, मेहनत करे और असफलताओं से न डरे। एक वड़ापाव से शुरू हुई यात्रा आज करोड़ों के बिजनेस तक पहुंची है।

यह कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो सोचता है कि उसके पास संसाधन नहीं हैं। संसाधनों से ज्यादा जरूरी है हिम्मत, लगन और कभी न हार मानने वाला जज्बा ।

वीडियो: आकाश रोडे की पूरी कहानी

आकाश रोडे की इस प्रेरणादायक यात्रा को विस्तार से जानने के लिए नीचे दिया गया वीडियो जरूर देखें। इस वीडियो में आकाश खुद अपने संघर्ष, असफलताओं और सफलता के हर पड़ाव को बेहद ईमानदारी से साझा करते हैं। यह वीडियो हर उस व्यक्ति के लिए है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहता है:

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